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इसकी à¤à¤• वजह यह है कि मूंग दाल आसानी से पच जाती है और पाचन तंतà¥à¤° को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेहनत नहीं करनी पड़ती है। मूंग दाल से पाचन में कोई परेशानी नहीं आती है।
आज हम आपको मूंग दाल बनाने की à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ रेसिपी के बारे में बता रहे हैं जो डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर को ताकत à¤à¥€ देगी और मां के दूध के जरिठशिशॠको पोषण à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगी।
​मूंग दाल बनाने की विधि
à¤à¤• मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी मूंग दाल लें। इसे 3 से 4 घंटे à¤à¥€à¤—ने के लिठरख दें। दाल जितनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर से à¤à¥€à¤—ी होती है, वह पचने में उतनी आसान होती है। कम à¤à¥€à¤—ी हà¥à¤ˆ दाल पकने में à¤à¥€ समय लेती है और खाने के बाद बार-बार पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ लग सकती है। इसलिठदाल को कम से कम तीन से चार घंटे जरूर à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚।
मूंग दाल बनाने का तरीका
कà¥à¤•र में à¤à¤• मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी दाल लें। इसमें लहसà¥à¤¨ की चार से पांच कली पीसकर डालें। यदि लहसà¥à¤¨ नहीं खाते हैं, तो इसे छोड़ à¤à¥€ सकते हैं। इसके बाद कà¥à¤•र में à¤à¤• चौथाई हलà¥à¤¦à¥€, धनिया पाउडर, लाल मिरà¥à¤š पाउडर डालें।
नमक आप अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¦ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ले सकते हैं। अंत में लगà¤à¤— à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š घी डाल दें। अब इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह मिला दें। इसके बाद कà¥à¤•र को गैस पर रख दें। तीन से चार सीटी आने पर गैस की आंच को कम कर दें और पांच से सात मिनट कम आंच पर ही दाल को पकने दें।
​मूंग दाल कैसे बनाà¤à¤‚
थोड़ी देर बाद गैस को बंद कर दें। कà¥à¤•र का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम होने का इंतजार करें। जब कà¥à¤•र की सारी à¤à¤¾à¤ª निकल जाà¤, तो ढकà¥à¤•न खोलकर à¤à¤• बार दाल को कलछी से अचà¥à¤›à¥€ तरह हिलाकर देख लें।
अगर दाल गाà¥à¥€ लगे तो थोड़ा सा गरà¥à¤® पानी मिलाकर डाल सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि ठंडा पानी न मिलाà¤à¤‚। इससे खाने का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बिगड़ सकता है।
अब आप तड़का लगाने के लिठपैन को गैस पर रखें। इस पर थोड़ा सा घी डालें और इसे गरà¥à¤® होने दें। जैसे ही घी गरà¥à¤® हो जाठतो गैस बंद कर दें। अब इसमें à¤à¤• चौथाई चमà¥à¤®à¤š राई और थोड़ा सा जीरा डालें।
अब फिर से गैस ऑन करें और तड़का होने तक जीरा और राई को पका लें। तड़का तैयार होने पर इसे दाल में डाल दें। दाल अचà¥à¤›à¥€ तरह हिला लें। अब इसमें थोड़ा हरा धनिया बà¥à¤°à¤• दें। दाल अचà¥à¤›à¥€ तरह पक कर तैयार हो चà¥à¤•ी है।
​डिलीवरी के बाद मूंग दाल के फायदे
मूंग दाल पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है। यह दाल डिलीवरी के बाद हर नई मां को खानी चाहिà¤à¥¤ इसके कà¥à¤› फायदे इस पà¥à¤°à¤•ार हैं -
यह दाल कोलीसिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ाइनिन नाम के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के फंकà¥à¤¶à¤¨ को बेहतर करती है। यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ आपको पेट à¤à¤°à¥‡ होने का अहसास देता है और मेटाबोलिजà¥à¤® को ठीक रखता है। इसलिठयह वेट कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठà¤à¥€ उपयोगी मानी जाती है।
मूंग दाल पोटेशियम और आयरन का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। यह बीपी को कम करने में मदद करती है और मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन को दूर करने के लिठà¤à¥€ फायदेमंद है। अनियमित दिल की धड़कन में à¤à¥€ यह दाल लाà¤à¤•ारी है। यह दाल आसानी से पच जाती है।
यह आंत में बà¥à¤¯à¥‚टरेट नाम के फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करती है जो कि इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ को बेहतर रखने के लिठकारगर है।
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