डिलीवरी के बाद कौन सी दाल खानी चाहिए?HealthPlanet

Posted on Wed 19th Oct 2022 : 14:06

इसकी एक वजह यह है कि मूंग दाल आसानी से पच जाती है और पाचन तंत्र को ज्‍यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। मूंग दाल से पाचन में कोई परेशानी नहीं आती है।

आज हम आपको मूंग दाल बनाने की एक ऐसी रेसिपी के बारे में बता रहे हैं जो डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर को ताकत भी देगी और मां के दूध के जरिए शिशु को पोषण भी प्रदान करेगी।
​मूंग दाल बनाने की विधि

एक मुट्ठी मूंग दाल लें। इसे 3 से 4 घंटे भीगने के लिए रख दें। दाल जितनी ज्यादा देर से भीगी होती है, वह पचने में उतनी आसान होती है। कम भीगी हुई दाल पकने में भी समय लेती है और खाने के बाद बार-बार प्यास भी लग सकती है। इसलिए दाल को कम से कम तीन से चार घंटे जरूर भिगोएं।

मूंग दाल बनाने का तरीका

कुकर में एक मुट्ठी दाल लें। इसमें लहसुन की चार से पांच कली पीसकर डालें। यदि लहसुन नहीं खाते हैं, तो इसे छोड़ भी सकते हैं। इसके बाद कुकर में एक चौथाई हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर डालें।

नमक आप अपने स्वाद अनुसार ले सकते हैं। अंत में लगभग एक छोटा चम्मच घी डाल दें। अब इन्हें अच्छी तरह मिला दें। इसके बाद कुकर को गैस पर रख दें। तीन से चार सीटी आने पर गैस की आंच को कम कर दें और पांच से सात मिनट कम आंच पर ही दाल को पकने दें।
​मूंग दाल कैसे बनाएं

थोड़ी देर बाद गैस को बंद कर दें। कुकर का प्रेशर कम होने का इंतजार करें। जब कुकर की सारी भाप निकल जाए, तो ढक्कन खोलकर एक बार दाल को कलछी से अच्छी तरह हिलाकर देख लें।

अगर दाल गाढ़ी लगे तो थोड़ा सा गर्म पानी मिलाकर डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि ठंडा पानी न मिलाएं। इससे खाने का स्वाद बिगड़ सकता है।

अब आप तड़का लगाने के लिए पैन को गैस पर रखें। इस पर थोड़ा सा घी डालें और इसे गर्म होने दें। जैसे ही घी गर्म हो जाए तो गैस बंद कर दें। अब इसमें एक चौथाई चम्मच राई और थोड़ा सा जीरा डालें।

अब फिर से गैस ऑन करें और तड़का होने तक जीरा और राई को पका लें। तड़का तैयार होने पर इसे दाल में डाल दें। दाल अच्छी तरह हिला लें। अब इसमें थोड़ा हरा धनिया बुरक दें। दाल अच्छी तरह पक कर तैयार हो चुकी है।


​डिलीवरी के बाद मूंग दाल के फायदे

मूंग दाल पौष्टिक तत्वों से भरपूर है। यह दाल डिलीवरी के बाद हर नई मां को खानी चाहिए। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं -

यह दाल कोलीसिस्टोकाइनिन नाम के हार्मोन के फंक्शन को बेहतर करती है। यह हार्मोन आपको पेट भरे होने का अहसास देता है और मेटाबोलिज्म को ठीक रखता है। इसलिए यह वेट कंट्रोल करने के लिए भी उपयोगी मानी जाती है।
मूंग दाल पोटेशियम और आयरन का अच्छा स्रोत है। यह बीपी को कम करने में मदद करती है और मांसपेशियों में ऐंठन को दूर करने के लिए भी फायदेमंद है। अनियमित दिल की धड़कन में भी यह दाल लाभकारी है। यह दाल आसानी से पच जाती है।
यह आंत में ब्यूटरेट नाम के फैटी एसिड का उत्‍पादन करती है जो कि इंटेस्टाइन को बेहतर रखने के लिए कारगर है।

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